कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : दसवां भाग


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आखिर ह का मुहावरा ?, भोजपुरी मुहावरा :-


मुहावरा अपना भोजपुरी भाषा के एगो अभिन्न अंग ह, एकरा बिना भोजपुरी भाषा भा साहित्य पूरा नइखे होसकत। भोजपुरी भासा के बोल चाल में मुहावरा के प्रयोग खूब होला।

परिभाषा: अइसन वाक्यांश जवन आपन साधारण अर्थ छोड़ के कवनो विशेष मतलब आ अर्थ की ओर ले जाव भा व्यक्त करो ओकरा के मुहावरा कहल जाला।

हमरा कम उमेद बा की केहू भोजपुरी अपना गावं-घरे में बूढ़ पुरनिया से मुहबरा ना सुनले होइ, लेकिन अब भोजपुरी मुहावरा के उपयोग कम होखत जा ता।

हमार शुभकामना बा कि राउर जतरा शुभ होखे ।



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भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Idioms in Bhojpuri with meaning :-


भोजपुरी मुहावरा

अर्थ
खा घालल
      :-         
मार डालना।
खिआल आइल
      :-
याद आना
खिआल कइल
      :-
खुद करना।
खिआल रहल 
      :-
याद रहना।
खिआल से उतरल 
      :-
विस्मृत हो जाना।
खिलल
      :-
प्रसन्न होना।
खून खउलल
      :-
अत्यंत क्रोधित होना।
खेत कॉमाइल
      :-
खाद आदि डालकर खेत को उपजाऊ बनाना।
खेती मॉराइल
      :-
फसल नष्ट होना।
खेदा खेदी कइल 
      :-
पीछा करना।
खेलि बिगाड़ल
      :-
काम खराब करना।
खेलि बूझल 
      :- 
साधारण या तुच्छ समझना।
खोदि खोदि के पुछल
      :-
अच्छी तरह से पूछना।
गँगाजल उठावल
     :-
गंगा की कसम खाना।
गंगालाभ भइल
     :-
मृत्यु को प्राप्त हो जाना।
गँठि जोराव कइल
     :-
विवाह करना
गठि जोराव भइल
     :-    
विवाह होना।
गँव से कइल
     :-    
युक्ति होना।
गँव से कहल
     :-    
धीरे से कहना।
गउद भइल
     :-
मूर्ख होना।
गटकावल
     :-
भोजन करना।
गटकि गइल 
     :-
निगल जाना।
गड़ही के कमल भइल 
     :-
निकृष्ट स्थान में उत्तम वस्तु का पैदा होना।
गधभेरि भइल
:-
गोधूली होना।
गप उड़ल
:-
झूठी खबर फैलना।

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