कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : दुसरका भाग


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आखिर ह का मुहावरा ?, भोजपुरी मुहावरा :-


मुहावरा अपना भोजपुरी भाषा के एगो अभिन्न अंग ह, एकरा बिना भोजपुरी भाषा भा साहित्य पूरा नइखे होसकत। भोजपुरी भासा के बोल चाल में मुहावरा के प्रयोग खूब होला।

परिभाषा: अइसन वाक्यांश जवन आपन साधारण अर्थ छोड़ के कवनो विशेष मतलब आ अर्थ की ओर ले जाव भा व्यक्त करो ओकरा के मुहावरा कहल जाला।

हमरा कम उमेद बा की केहू भोजपुरी अपना गावं-घरे में बूढ़ पुरनिया से मुहबरा ना सुनले होइ, लेकिन अब भोजपुरी मुहावरा के उपयोग कम होखत जा ता।

हमार शुभकामना बा कि राउर जतरा शुभ होखे ।


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भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Idioms in Bhojpuri with meaning :-

भोजपुरी मुहावरा

अर्थ
आन्हा थोपी खेलावल 
:-
परेशान करना, एक प्रकार का खेल भी
ओल पर माटी चढ़ावल
      :-         
 समय बर्बाद करना
इ कढ़ावेली त उ घोंटावेली       :-हाँ में हाँ मिलाना
इमीली घोंटावल      :-कन्या विवाह के समय मामा द्वारा किया जाने वाला एक रस्म
उच्च लिलार      :-भाग्यशाली
उदबेग लगावल      :-परेशान करना / बेचैन करना
उमिर छलकल      :-जवानी चढ़ना
ऊँच सुनल      :-कम सुनना
ए कोठी के धान ओ कोठी कइल      :-व्यर्थ का काम, समय बर्बाद करना
एक बोलावे चौदह धावे       :-काम करने वालों की कमी नहीं होना
एक हाथ के जीभ बढ़ावल      :-ज्यादे लालच करना
एके लाठी से सबके हाँकल      :-सबको एक ही जैसा समझना
एगो में दू गो जोरल      :- बात को बढ़ाना
एड़ी अलगावल      :-बराबरी करना
ओझाई कइल     :-किसी समस्या के समाधान हेतु कोशिश
ओठ खुलल     :-विस्मय
ओठ चाटल      :-प्यास लगना, मुँह में पानी आना
ओठ दबावल      :-    गुस्सा
ओठ निकलल     :- निराशा
ओठ पर फेंफरी     :-उदासी
ओठ सटल      :-खामोशी, भूख-प्यास लगना
कंठी टूटल      :-संकल्प टूटना


रउवा खातिर:

कइसे भोजपुरी सिखल जाव : चउथा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पांचवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : छठवां दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव :सातवां दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव :आठवां दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव :नउवां दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव :दसवां दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव :ग्यारहवां दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : बारहवां दिन 
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ : पहिला भाग


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